Wednesday, July 9, 2008

परमाणु समझौते का लाभ सबसे पहले हरियाणा को मिलेगा -रणजीत

सिरसा 09 जुलाई - अमेरिका के साथ परमाणु समझौते का लाभ सबसे पहले हरियाणा को मिलना शुरू होगा क्योकिं प्रधानमंत्री डॉ0 मनमोहन सिंह ने फतेहाबाद जिला के कुम्हारिया गांव में परमाणु आधारित बिजली सयंत्र की स्थापना की घोषणा पहले ही की हुई है। इस परमाणु सधिं से न केवल हरियाणा की बल्कि देश की तकदीर बदलेगी और पूर्व राष्ट्रपति डा0 ए।पी।जे। अब्दुल कलाम का 2020 में भारत के विकसित होने का सपना समय पूर्व साकार हो सकेगा। ये विचार हरियाणा योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री रणजीत सिंह ने आज सिरसा में पत्रकारो से एक विशेष भेंट के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि परमाणु सधिं लागू होने के पश्चात देश में बिजली की समस्या के साथ-साथ बेरोजगारी, प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग की समस्या को भी हल करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका के साथ यह समझौता पूरी तरह से असामरिक समझौता होगा। इस परमाणु समझौते को केवल मात्र बिजली उत्पादन के क्षेत्र में ही लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते के तहत देश में बिजली के नए-नए प्लांट लगेंगे। परमाणु सिस्टम से बिजली उत्पादन पर केवल मात्र 50 पैसे प्रति युनिट खर्च होता है। अब सहज से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश व प्रदेश के लोगों को कितनी सस्ती बिजली उपलब्ध हो पाएगी। उन्होंने बताया कि दुनिया के विकसित देशों में 13 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित है जबकि भारत की 70 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित है, इतना अधिक अन्तर पर्याप्त मात्रा में बिजली सम्बन्धी ढांचागत सुविधाएं न होने के कारण है। परमाणु सधिं लागू होने के पश्चात देश को बिजली उत्पादन के लिए गैस व कोयले पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कोयला, जो भारत में सीमित मात्रा में है और वैसे भी कोयला आधारित बिजली बहुत महंगी पड़ती है। इसके साथ-साथ गैंस आधारित बिजली उत्पादन भी और महंगा पड़ता है क्योकिं गैस भी ईरान जैसे देशों से पाईपलाईन के जरिए आयात करनी पड़ रही है। गैंस के आयात से प्रदूषण के साथ-साथ अन्य खतरों का भी सामना करना पड़ता है। श्री रणजीत सिंह ने कहा कि कोयला और गैस उत्पादित बिजली के मुकाबले परमाणु उत्पादित बिजली के मात्र जीरो प्रतिशत दुष्प्रभाव हैं। उन्होंने बताया कि आज सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में 37 प्रतिशत भारतीय इंजीनियर बिल गेटस व अन्य अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनियों में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भारतीय विशेषज्ञ काम करने के लिए अन्य देशों में जा रहे हैं। परमाणु सधिं लागू हो ने के बाद देश में पर्याप्त मात्रा में बिजली होगी और बड़ी-बड़ी कम्पनियां स्थापित होंगी जिससे व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।