Wednesday, July 30, 2008

सिख समाज को कोई भी कुर्बानी देने को तैयार

रतिया 30 जुलाई/निस- आज श्री गुरूद्वारा साहिब में डबवाली कांड में मारे गए हरमंदर सिंह की याद में रखे गए पाठ का भोग डाला गया। भोग के बाद हुई सिख समुदाय की बैठक में सिख नेता जोगिन्द्र सिंह ढोटी, रणजीत सिंह भानीखेड़ा, भरपूर सिंह खालसा, स्वर्ण सिंह, एमएस वधवा, परमजीत अहरवां, तरणादल के निहंग चढ़त सिंह सहित सिख संगत ने शिरकत की। सभी सिख नेताओं ने डेरा मुखी पर जमकर प्रहार किए। सिख नेताओं ने कहा कि अकाल तख्त डेरा मुखी के बारे में जो भी फैसला लेगा, उसे अमल में लाया जाएगा, चाहे उसके लिए सिख समाज को कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। बैठक में बल्ले-बल्ले फैशन कैम्प व जयदुर्गा फैशन कैम्प के बहिष्कार की घोषणा करते हुए कहा कि इन दुकानों के बहिष्कार के लिए गांव-गांव में प्रचार किया जाएगा। यदि कोई सिख इन दुकानों से सामान खरीदेगा तो उसका भी बहिष्कार किया जाएगा। बैठक में हिन्दु व मुस्लिम समुदाय से भी डेरा मुखी का विरोध करने की अपील करते हुए कहा गया कि डेरा मुखी ने हिन्दुओं व मुस्लिमों के गुरूओं के चिह्न व वेशभूषा डालकर उनका अपमान किया है। सिखों ने देश की आजादी में सबसे ज्यादा कुर्बानियां दी है, इसलिए अब अन्य समुदाय भी सिखों की मदद करें। शातिं कमेटी के साथ हुई बैठक में सिख नेताओं ने कहा कि शातिं कमेटी मामले की जांच कर ले, जो पक्ष दोषी हो, उसे सजा दे दे। सिख नेताओं ने कहा कि आज लुधियाना में संत समाज की बैठक हो रही है। संत समाज व अकाल तख्त डेरा मुखी के बारे में जो भी फैसला लेगा, उस पर हर हाल में अमल होगा। सिख समाज की डेरा प्रेमियों से कोई रजिंश नहीं है। मगर डेरा मुखी ने उनके गुरू का वेश धारण कर उनकी भावनाओं को आहत किया है। इसलिए डेरा मुखी को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।