फतेहाबाद 31 जुलाई/निस- जिला फतेहाबाद में कपास के 70 फीसदी क्षेत्र में मिलीबग के प्रकोप का समाचार है। किसानों की अथक प्रयासों के बावजूद भी मिलीबग पर नियंत्रण नहीं किया जा सका है। मिलीबग अब कपास के अलावा ग्वार व अन्य फसलों पर भी अटैक कर रही है। कृषि विभाग ने बताया कि जिले में 78 हजार हैक्टैयर में कपास का बिजान है। जिला कृषि निदेशक आर.सी. पूनिया ने माना कि पंजाब, हरियाणा में मिलीबग का खासा प्रभाव है। उन्होंने बताया कि यह स्किन पेस्ट है। यह पक्षियों से, तितली या और अन्य कई कारणों से फेलती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पहले मिलीबग से प्रभावित पौधों को चिन्हित कर ले और केवल उन्हीं पौधों पर ही कीटनाशक का स्प्रे करें। उन्होंने इस धारणा को गलत ठहराया कि स्प्रे वाली जगह पर मिलीबग का प्रकोप नहीं होता। उन्होंने कहा कि किसान चार-पांच दिन छोड़ कर परफैनोफॉस, एकालक्स, क्लोरोपैरीफास, लारविन व सैवन दवा का छिड़काव करें। हर बार दवा बदलकर छिड़की जाए। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में मिलीबग की तितली बड़ी तादाद में अंडे व बच्चे देती है। अंडों पर एक मोम की तरह कवर होता है। जिससे कीटनाशक का असर बहुत कम होता है। इसलिए दवा बार-बार छिड़कनी पड़ती है। मगर दवाई केवल प्रभावित पौधों पर ही छिड़कनी चाहिए। वहां मौजूद किसान बजरंग तरड़ ने बताया कि वह नाईयों द्वारा प्रयोग किए जाने वाले फव्वारे से प्रभावित पौधों पर छिड़काव करते हैं। उन्होंने दावा किया कि इस तरीके से मिलीबग पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है।