Wednesday, July 16, 2008

घग्घर नदी का किनारा फिर से ध्वस्त , यातायात ठप

रतिया 15 जुलाई/सचिन ललित/राजेन्द्र मित्तल- हरियाणा व पंजाब को जोड़ने वाला बुढलाडा रोड़ स्थित घग्घर नदी के पुल का किनारा आज सुबह एक बार फिर से ध्वस्त हो गया है। पुल के किनारे की सड़क बैठ जाने से जहां एक ओर हरियाणा व पंजाब का संपर्क टूट गया है, वहीं निर्माण कार्य की पोल भी खुल गई है। मिली जानकारी के अनुसार पुल के निर्माण कार्य के बाद आज सुबह आठ बजे एक निजी बस के गुजरने के बाद ठीक उसी स्थान पर जहां से पुल पहले धंसा था, फिर से धंस गया। पुल के उस स्थान पर लगभग4-5 फुट गहरा गड्डा हो गया, जिससे आसपास की मिट्टी खिसकने लगी। पुल के धंसने से पुल के निर्माण कार्य कर रहे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान ल ग गए हैं। आज सुबह रतिया से जाखल जाने वाली एक बस करीब आठ बजे जैसे ही उक्त स्थान से गुजरी तो नीचे से खोखले हो चुके तीन-चार फुट के स्थान पर एक टायर जा धंसा, जिससे बस से सवारियों को उतार दिया गया और राहगीरों ने मिलकर गड्डे से बस को बाहर निकाला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि समय रहते ही बस चालक द्वारा इस ओर ध्यान न दिया जाता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। जैसे ही पुल के दोबारा धंसने की खबर शहर में पहुंची, शहर में सनसनी फैल गई और लोग पुल की ओर भाग खड़े हुए लेकिन पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए आवागमन को पूरी तरह बंद कर दिया है। शहरवासी कीर्ती कुमार, विजय, सुरेन्द्र, विष्णु, तीर्थ, इन्दु, राजू सहित अनेक शहरवासियों ने पुल के पुन: ध्वस्त होने के मामले में सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार अभी भी किसी बड़े हादसे की इंतजार में बैठी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पुल के निर्माण में करोड़ों रुपए तो लगा दिए लेकिन लोगों को सुरक्षा देने के पुख्ता प्रबंध करने में विफल रही। पुल के ध्वस्त होने की सूचना मिलने पर एसडीएम योगेश मैहता, एडीसी सीजी रजनीकांथन, कार्यकारी अभियंता सतबीर पंवार, एसई सूरजभान बूरा, तहसीलदार राजेन्द्र गहलोत, नायब तहसीलदार बलवान लाम्बा मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुल का निरीक्षण किया। वहीं प्रशासन द्वारा पुल निर्माण में कोताही बरतने के बाद लोगों ने अपने स्तर पर सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। पुल के रास्ते से होकर जाने वाले लोग अब लाम्बा, बबनपुर ढाणी होते हुए 15 किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं।