Tuesday, July 1, 2008

नोएडाः पूर्व डीएसपी के. के. गौतम का कहना है कि नोएडा डबल मर्डर केस की हकीकत आरुषि के कमरे से ली गई पहली तस्वीर ही बयां कर रही है। तस्वीर से काफी हद तक यह साफ हो गया है कि आखिर उस रात का राज क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा पुलिस ने जानबूझकर मामले का उलझा दिया। तलवार दंपती को दिलासा देने पहुंचे पूर्व डीएसपी के. के. गौतम ने ही हेमराज का शव छत से बरामद करवाया था। पूर्व डीएसपी मौके से ली गई पहली तस्वीर को देखकर बताया कि कत्ल वाली रात ऐसा कुछ हुआ है, जिसे खुलकर नहीं कहा जा सकता। इसका खुलासा सीबीआई ही करेगी। इस मामले पर अपना नजरिया समझाते हुए के. के. गौतम ने बताया कि पहले आरुषि की हत्या की गई। इसके बाद ही हेमराज को मौत के घाट उतारा गया। इस बारे में डॉक्टर दंपती को भनक तक नहीं लगी, क्योंकि घर में एसी चलने और रात के करीब एक बजे के बाद वे गहरी नींद में थे। इतना जरूर है कि दोनों पूरे मामले में कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए डॉ. राजेश अब भी शक के घेरे में हैं। रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर के मुताबिक कत्ल वाली रात कम से कम तीन लोग डॉ. तलवार के घर पहुंचे। तीनों को नौकर हेमराज ने ही बुलाया था। यही वजह रही कि तलवार फैमिली के डिनर करने के बाद भी उसने खाना नहीं खाया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र है। देर रात करीब 12 बजे के बाद कम से कम तीन लोगों ने आसानी से एंट्री की। तीनों हेमराज के कमरे में गए। इनके पास शराब की दो बोतलें भी थीं। उसी कमरे में तीनों ने शराब पी। एक बोतल में कुछ शराब बची थी, तभी तीनों उठकर आरुषि के कमरे की ओर जाने लगे। आरुषि के कमरे के दूसरे दरवाजे के रास्ते तीनों वहां पहुंचे। वहां कुछ देर बाद ही उन्होंने आरुषि को काबू कर उसके साथ जबर्दस्ती करने की कोशिश की और बाद में मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान हत्यारों ने आरुषि के हाथ पैर दबोच लिए थे। यही वजह है कि आरुषि के दाएं पैर पर भी खून के निशान हैं। इस घटना से हेमराज काफी सहम गया। उसकी हालत देखकर ही तीनों उसे समझाने के बहाने छत पर ले गए और वहां उसकी भी ठीक उसी तरह से हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को छत पर ही ठिकाने लगा दिया। पूर्व डीएसपी का कहना है कि हत्या से जुड़े एक खास राज को छिपाने में यह केस उलझता गया है। नोएडा पुलिस ने भी उसे छिपाने का भरसक प्रयास किया है। इसलिए इस मिस्ट्री को सुलझाने में परेशानी आ रही है। पूर्व ऑफिसर के मुताबिक सीबीआई को इस जांच से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य मिल चुके हैं। इससे इसका जल्द ही खुलासा हो जाएगा।