चंडीगढ़, पॉँच अगस्त - दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा आरंभ की गई बिजली चोरी की सूचना योजना के उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त हो रहे है। अब तक लगभग 8500 से भी अधिक सूचनादाताओं ने अपने नजदीक के परिसरों में चोरी की सूचना निगम को दर्ज करवाई है। जिनके आधार पर निगम के अधिकारियों ने 1400 बिजली चोरी के मामले पकड़कर 2।85 करोड़ का जुर्माना लगाया है। निगम के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम ने इस योजना को और अधिक प्रोत्साहित बनाया है। बिजली चोरी की सूचना देने वाले को ईनाम राशि 20 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत की गई है और अब इस पर अधिकतम सीमा पर हटा दी गई है तथा दिन प्रतिदिन बिजली चोरी की सूचना देने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति निगम को बिजली चोरी की सूचना अपनी पहचान बताये बिना दे सकता है। निगम द्वारा उसे गोपनीय कोड दिया जाएगा। सूचना मिलने पर निगम के अधिकारी सूचनादाता को सूचना का विशेष पंजीकरण नंबर देंगे और सूचना के आधार पर चोरी पकड़े जाने पर एक हजार रूपये की राशि तत्काल उसे प्रदान की जाएगी। जिसके लिए उसे निगम द्वारा दिया गया गोपनीय कोड बताना होगा। यदि निगम आंकलित जुर्माने की पूर्ण राशि वसूलने में सफल रहता है तो 40 प्रतिशत राशि सूचनादाता को पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। उसकी पहचान किसी भी सूरत में सार्वजनिक नहीं की जाएगी।। उन्होंने कहा कि जुर्माने की वसूल की गई राशि का 20 प्रतिशत छापा दल के कर्मचारियों में पुरस्कार स्वरूप वितरित किया जाएगा।