Wednesday, August 6, 2008

बीएलबी बीमारी से किसानों की 300 एकड़ फसल खराब

रतिया 06 अगस्त/राजेन्द्र मित्तल- लाम्बा में धान की फसल में बैक्टीरीयल लीफ ब्लाइट (बीएलबी) नामक बीमारी लगने से दर्जनों किसानों की 300 एकड़ के करीब फसल खराब हो गई है। जिससे जमींदारों को करोड़ों रुपए का नुकसान होने की संभावना है। ऊपर से अभी तक इस बीमारी का हल न होने के कारण अन्य किसानों की फसलों में इस बीमारी के फैलने की संभावना से संपूर्ण लाम्बा निवासियों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। गांव के किसानों सरपंच नवनीत राय, दर्शन पुत्र महेन्द्र, मुखत्यार सिंह, किशन सिंह, देवेन्द्र सिंह, बलदेव सिंंह, गुरवीर सिंह, नरेन्द्र पाल तथा अन्य किसानों ने बताया कि पिछले 10 दिनों से धान की फसल में बीएलबी बीमारी लगी हुई है। इस बीमारी के कारण पहले तो धान के पत्ते ऊपर से सड़ जाते हैं और बाद में धान का पौधा नीचे गिर जाता है। किसानों ने बताया कि गांव के दर्जनों किसान हिसार में कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस बीमारी के इलाज के लिए मिले थे लेकिन वैज्ञानिकों ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि अभी तक इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है। इसके बाद किसान कौल डाक्टरों से भी मिले लेकिन उनकी दवाईयों से भी फसलों का बचाव नहीं हो रहा है। किसान नवनीत राय ने बताया कि गांव के मुखत्यार सिंह, गुरवीर व देवेन्द्र की फसलें सबसे अधिक इस बीमारी की चपेट में हैं और उनकी 20-20एकड़ धान की फसल चौपट हो गई है। गांव की करीब 300 एकड़ फसल पर यह बीमारी लगी हुई है। जिससे किसानों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया कि दर्जनों बार स्पे्र के बाद भी कोई असर नहीं हुआ है। अब इस बीमारी के पूरे गांव में फैलने की संभावना बन गई है। इस कारण किसान अपनी फसलों पर हल चलाने की सोच रहे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार व जिला उपायुक्त से नष्ट हुई फसल का 20 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। दूसरी ओर इस बारे जब कृषि उपनिदेशक आर.सी. पूनिया से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें भी किसानों की उक्त बीमारी से संबधिंत शिकायत मिली है। जिसकी जांच के लिए कल कौल से डाक्टरों की टीम लाम्बा गांव में जाकर जांच करेगी कि बीमारी किस किस्म की है। उन्होंने बताया कि अभी तक यह तय नहीं हो हो पाया है कि फसलों पर लगी बीमारी बीएलबी ही है या कोई और। कल डाक्टरों द्वारा जांच के बाद ही यह सामने आ पाएगा। उन्होंने बताया कि अगर वास्तव में फसलों पर बीएलबी बीमारी का ही प्रकोप है तो विभाग के पास इसका कोई इलाज नहीं है।