Friday, August 29, 2008

डाक्टरों के वर्षभर आवेदन लिए जाएंगे।

चंडीगढ़, 29 अगस्त -

हरियाणा सरकार ने डाक्टरों के लिए एक प्लेसमेंट पॉलिसी बनाई है तथा डाक्टरों की सभी रिक्तियों को भरने तथा इसे एक निरन्तर चलने वाली प्रक्रिया बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत वर्षभर आवेदन लिए जाएंगे। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री श्रीमती करतार देवी ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने इस आशय का निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया है कि लोगों को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए डॉक्टरों की कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि विभागीय चयन समिति द्वारा जब भी आवश्यक होगा, साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे तथा पात्र उम्मीदवारों की नियमित नियुक्तिया¡ की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कैम्पस प्लेसमेंट को भी पुन: शुरू किया जाएगा। श्रीमती करतार देवी ने कहा कि प्लेसमेंट पॉलिसी के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं उप मण्डल अस्पतालों में छ:-छ: विशेषज्ञ डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे, जिनमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन, बाल रोग विशेषज्ञ, एनस्थीसिया, शल्य चिकित्सक एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ शामिल हैं। चिकित्सा अधिकारियों के वर्तमान पदों को उसी अनुसार पदनामित किया जाएगा। जिला अस्पतालों में विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञताओं का एक-एक डॉक्टर नियुक्त किया जाएगा, जिनमें मेडिसिन, शल्य चिकित्सक, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनस्थीसिया, नेत्र विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक, पैथोलोजी, रेडियोलोजी एवं बॉयो-कैमिस्ट्री विशेषज्ञ शामिल हैं तथा इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल में माइक्रो-बॉयोलोजी विशेषज्ञ की सेवाएं भी ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि स्नातकोत्तर योग्यता वाले डाक्टर को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में नियुक्त नहीं किया जाएगा। प्रथम रैफरल इकाई घोषित किए गए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रथम चरण में विशेषज्ञ नियुक्त किए जाएंगे। एक विशेषज्ञ डॉक्टर का स्थानान्तरण होने पर उसके स्थान पर उसी विशेषज्ञता वाले डॉक्टर को नियुक्त किया जाएगा। प्रथम रैफरल इकाई घोषित किए गए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आपातकालीन चिकित्सा प्रसूति देखभाल तथा जीवनरक्षक एनस्थीसिया में प्रशिक्षण प्राप्त डॉक्टरों को भी नियुक्त किया जाएगा। जिला स्तर तक गैर-क्लनिकल पदों पर विशेषज्ञों को नियुक्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी डॉक्टरों को उच्च वेतनमान तथा मूल वेतन के 25 प्रतिशत की दर से नॉन-प्रैक्टसिंग भत्ता देने का भी निर्णय लिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों या सुदूर क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नियुक्त एम.बी.बी.एस. डॉक्टरों को 5,000 रुपये का मासिक प्रोत्साहन तथा मोरनी एवं मेवात क्षेत्रों में नियुक्त डॉक्टरों को 10,000 रुपये का मासिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, जिनके पास डिप्लोमा या स्नातकोत्तर योग्यता है तथा ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों का दायित्व निभा रहे हैं, को 15,000 रुपये का मासिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। मोरनी एवं मेवात क्षेत्रों में नियुक्त विशेषज्ञ डॉक्टरों को 25,000 रुपये का मासिक प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनुबंध नियुक्तियों के मामले में एम.बी.बी.एस. डॉक्टरों को 20,000 रुपये तथा छ: विशेषज्ञताओं में से किसी एक विशेषज्ञता वाले डॉक्टर को 30,000 रुपये अदा किए जाएंगे। श्रीमती करतार देवी ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कार्यरत सभी डॉक्टरों को गा¡व के आंगनवाड़ी केन्द्रों में ओ.पी.डी. के लिए निर्धारित किए गए दिन को विभिन्न गा¡वों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सम्बन्धत डॉक्टर निर्धारित दिन अपने पूर्व जारी एवं पूर्व सूचित कार्यक्रम के अनुसार महिला एवं पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कार्य का निरीक्षण भी करेंगे। ऐसे कार्यक्रम की सूचना ग्राम पंचायत, स्कूल शिक्षक तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को दी गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रवार कार्ड भी मुद्रत करवाए गए हैं, जिन पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के कार्य एवं निर्धारित दिन दर्शाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा राज्य सरकार ने लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए अनेक नए कदम उठाए हैं।