Saturday, September 13, 2008

पति का दाह संस्कार रुकवाया

भूना/फतेहाबाद 13 सितम्बर/रमेश/सुदर्शन- लाडवी निवासी रामेश्वर की मौत को लेकर आज उस समय बड़ी ही अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब उसकी पत्नी ने पति का दाह संस्कार रुकवा कर पति की मौत को संदिग्ध बताया। मगर पत्नी द्वारा ली गई पुलिस मदद उस वक्त उसे उलटी पड़ गई, जब मृतक की तलाशी में निकले सुसाईड नोट में मृतक ने अपनी मौत के लिए पत्नी को ही जिम्मेवार ठहरा रखा था। मिली जानकारीके अनुसार लाडवी निवासी रामेश्वर (35) की दिसम्बर 2002 में सिरसा की कीर्ति नगर निवासी प्रिंयका से शादी हुई थी। दोनों का अढ़ाई वर्ष का बेटा भी है। मगर दोनों में अनबन के चलते प्रियंका पिछले सात माह से अपने मायके में रह रही थी। इस बीच रामेश्वर ने अपनी दोनों भैंसें भूना निवासी भाई ताराचंद को दे दी। गत 10 सितंबर की शाम रामेश्वर खाना खाकर खैरी रोड़ स्थित अपनी बहिन कृष्णा के घर चला गया। वहां अगले दिन 11 सितंबर की शाम को उसकी मौत हो गई। रामेश्वर का भाई ताराचंद रामेश्वर के शव को लाडवी गांव ले आया और उसकी पत्नी को सूचना दे दी। आज सुबह जब रामेश्वर के परिजन पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जाने की तैयारी कर रहे थे, उसी वक्त रामेश्वर की पत्नी प्रिंयका और उसका मामा आ गए और उन्होंने आरोप लगाए कि रामेश्वर की हत्या की गई है। पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली। तलाशी में एक सुसाईड नोट मिला है,जिसमे रामेश्वर ने लिखा है कि वह अपनी पत्नी से तंग ओकर जहर खा रहा है। वहीं इसी सुसाईड नोट पर प्रकाश, सुभाष, शंकर व सतनारायण के नाम भी लिखे हुए हैं मगर दोनों की लिखाई में फर्क है। शव का आज पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी। क्योंकि रामेश्वर के परिजन मौत का कारण हार्ट अटैक बता रहे है तो उसकी पत्नी हत्या बता रही है। वहीं सुसाईड नोट मिलने से मामला आत्महत्या का नजर आता है। यदि सुसाईड नोट में लिखाई रामेश्वर की हुई तो उसने जहर खाकर जान दी हुई तो रामेश्वर की पत्नी को लेने के देने पड़ सकते हैं।