जाखल/ फतेहाबाद 27 सितम्बर/
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर आज तड़के दो बहनों व एक युवक का शव रेलवे पुलिस ने बरामद किया है। तीनों की मौत जहर खाने से हुई है। प्रथम दृष्टया स्पष्ट लगता है कि तीनों ने कोल्डडि्रंक्स में कीटनाशक पीकर जान दी है। लड़कियों के सामान से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा गया है कि हम दोनों बहनें खुशी से जान दे रही है। इसके अलावा सुसाइड नोट में एक फोन नंबर भी लिखा था, जिस पर लड़कियों ने अपनी मौत के बाद संपर्क करने की बात कही थी। दोनों मृत लड़कियों की पहचान रीना (19) व मीनू (13) पुत्रिया राम मेहर निवासी करेला (जींद) के रूप में हुई है। उनके साथ जान देने वाले युवक की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। उसकी बाजू पर ए।एल. लिखा हुआ है। अभी तक इस सामुहिक आत्महत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। मिली जानकारी के अनुसार रीना व मीनू जींद में पढ़ाई के लिए अपनी बड़ी बहन के घर रहती थीं। रीना +2 करने के बाद कम्प्यूटर कोर्स कर रही थी तो मीनू दसवीं के बाद नसिZग का कोर्स कर रही थी। दोनों बहनों के भाई मनोज ने बताया कि उन्होंने एक प्लाट बेचा था। इस प्लाट के सात लाख रुपए 25 सितंबर को उसने गांव जा रही दोनो बहनों को दिए थे। ताकि उनके पिता इन रुपयों को बैंक में जमा करवा सकें। उस दिन के बाद से दोनों बहनें रुपए लेकर लापता हो गई। मृतक लड़कियों के भाई द्वारा दोनों बहनों को सात लाख रुपए देकर बस में चढ़ाने की बात लोगों के गले नहीं उतर रही है। कल रात करीब एक बजे ब्यास से आने वाली गाड़ी से दोनों बहनें व एक युवक उतरा। देर रात को स्टेशन पर रेहड़ी लगाने वाले वैंडरों ने इन्हें प्लेटफार्म नंबर एक पर घूमते देखा। इसके बाद करीब दो बजे संभवत: तीनों ने कोल्ड डिं्रक्स के बीच में कीटनाशक मिलाकर अपनी जान दे दी। मीनू की तो मौके पर मौत हो गई मगर कीटनाशक पीने के बाद रीना भागती हुई स्टेशन मास्टर के कमरे तक पहुंची और वहीं धड़ाम से गिर गई। वह बचाने की गुहार कर रही थी। स्टेशन पर काम करने वाले लोगों ने रीना को देखा मगर उसकी जान निकल चुकी थी। वेंडरों ने बताया कि उसके साथ एक लड़का व एक लड़की और थे तो लोग भाग कर प्लेटफार्म नंबर एक पर पहुंचे। वहां मीनू बेसुध पड़ी थी मगर युवक की सांसें चल रही थीं। युवक को तुरंत एम्बुलैंस से अस्पताल पहुंचाया गया मगर अस्पताल पहुंचने पर डाक्टरों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। युवक की जेब से ब्यास से जींद का टिकट मिला है। जबकि लड़कियों के पास मात्र 16 रुपए मिले हैं। मीनू के हाथ पर एक मोबाइल नंबर लिखा था, जो मिलाया गया तो वह उसके भाई मनोज का था। मनोज ने मौके पर पहुंच कर दोनों बहनों की तो शिनाख्त कर ली मगर उनके साथ जान देने वाले युवक को पहचानने से इंकार कर दिया। सुसाइड नोट में आत्महत्या की वजह नहीं लिखी है और न ही सात लाख रुपए मिले