Friday, June 27, 2008

अराजकीय इंजीनियरिंग कालेजों में प्री-इंजीनियरिंग कोर्स आरंभ

चंडीगढ़, 27 जून
प्रदेश के अराजकीय इंजीनियरिंग कालेजों में प्री-इंजीनियरिंग कोर्स आरंभ करने की अनुमति प्रदान की गई है और ऐसी संस्थाओं को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (भिवानी) से संबद्धता लेनी आवश्यक है। यह जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि ऐसी संस्थाएं प्री-इंजीनियरिंग वर्ष 2008-09 की संबद्धता लेने हेतु 15 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि संबद्धता के लिए आवेदन पत्र एवं 2000 रूपये शुल्क निर्धारित किया गया है और बिना विलम्ब शुल्क के आवेदन 15 दिनों के भीतर डिमांड ड्राफ्ट के रूप में ही स्वीकार्य होगा। निर्धारित समय के बाद आवेदन पत्र केवल विशेष परिस्थितियों में बोर्ड के अध्यक्ष की अनुमति से 5000 विलम्ब शुल्क के साथ स्वीकार किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि तकनीकी संस्थाओं को शैक्षणिक सत्र 2008-09 से दस जमा एक के लिए प्री-इंजीनियरिंग कक्षाएं आरंभ करेंगी और इनकी परीक्षा संस्थान स्तर पर ही संचालित की जाएगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा प्री इंजीनियरिंग जमा दो की परीक्षा आगामी शैक्षणिक सत्र 2009-10 से ली जाएगी। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा हरियाणा द्वारा जिन अराजकीय इंजीनियरिंग कालेजों को प्री-इंजीनियरिंग कोर्स आरंभ करने की मान्यता दी जाएगी, उन्हीं संस्थाओं को बोर्ड नियमानुसार संबद्धता प्रदान करेगा और इस संबद्धता के लिए शुल्क एवं शर्तंे वहीं होंगी जो बोर्ड से संबद्ध अन्य अराजकीय संस्थाओं पर लागू है। उन्होंने बताया कि इन संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को प्री-इंजीनियरिंग जमा दो के लिए आवेदन पत्र भेजते समय बोर्ड द्वारा मिडल, सेकेंडरी परीक्षा में पहले से जारी एनरोलमेंट नंबर अकिंत किया जाएगा और अन्य बोर्ड या संस्थान से सेकेंडरी कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को उनका एनरोलमेंट प्री-इंजीनियरिंग जमा एक कक्षा से संबधिंत संस्थाओं द्वारा नियमानुसार करवाया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए एनरोलमेंट की शुल्क एवं शर्तें वहीं होंगी जो बोर्ड से संबद्ध अन्य संस्थाओं पर लागू है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2008-09 में जमा एक कक्षा के एनरोलमेंट करवाने के लिए आवेदन पत्र बोर्ड कार्यालय में भेजने की अतिंम तिथि 30 सितंबर 2008 है। उन्होंने बताया कि प्री-इंजीनियरिंग की परीक्षाओं में वे सभी नियम, सैमेस्टर एवं ग्रेडिंग प्रणाली उसी तरह लागू होगी जो बोर्ड की जमा दो की शैक्षिक प्रणाली की परीक्षाओं में लागू है।