चंडीगढ़, 27 जून
हरियाणा के राज्यपाल डॉ0 ए.आर. किदवाई ने नेत्रहीनों और विकलांग व्यक्तियों को किसी भी अवस्था में मायूस न होने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें खुशहाल एवं समृद्घ जीवन बिताने के लिए उल्लास और उत्साह के साथ समाज के अन्य व्यक्तियों की तरह ही जीवन की प्रत्येक गतिविधि में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ, हरियाणा शाखा द्वारा आयोजित चार दिवसीय नेत्रहीन शतरंज प्रतियोगिता का उदघाटन करने उपरान्त मुख्य अतिथि की हैसियत से देशभर से आए लगभग 125 नेत्रहीन शतरंज खिलाड़ियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार नेत्रहीन और विकलांग व्यक्तियों के जीवन को खुशहाल और समृद्घ बनाने के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रही है।
डॉ0 किदवाई ने कहा कि नेत्रहीन व्यक्तियों को भी खुशहाल व समृद्घ जीवन जीने का उतना ही हक है, जितना कि समाज के अन्य व्यक्तियों को। यह हम सब का सामाजिक और नैतिक दायित्व है कि हम नेत्रहीनों, विकलांगों और कमजोर व्यक्तियों की सहायता करने के कार्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि नेत्रहीन या अपंग होना उनका दोष नहीं है बल्कि यह सब प्रकृति एवं दुर्घटना के कारण ही हो जाता है।
राज्यपाल ने बताया कि हरियाणा सरकार ने नेत्रहीनों और विकलांग व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण, राज्य परिवहन की बसों में नि:शुल्क यात्रा, वाहन भत्ता, नेत्रहीन केनरों की मजदूरी में वृद्घि, सेवानिवृत्ति आयु में वृद्घि आदि सुविधाएं एवं अवसर देकर उनके जीवन को खुशहाल और समृद्घ बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नेत्रहीन व्यक्तियों ने खेलों के अलावा संगीत, चित्रकारी और उच्च शिक्षा जैसे विकास के क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव, श्रीमती अनुराधा गुप्ता ने राष्ट्रीय नेत्रहीन संगठन के पदाधिकारियों को विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार, सरकारी नौकरियों में नेत्रहीनों एवं विकलांग व्यक्तियों के बैकलॉग को पूरा करने का भरसक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि नेत्रहीन व्यक्तियों को सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कम ब्याज की दरों पर ऋण लेकर अपनी स्व-रोजगार इकाइयाँ लगानी चाहिएं ताकि वे अपने जीवन में आत्म-निर्भर हो सकें। उन्होंने इस प्रतियोगिता में आए हुए खिलाड़ियों को बधाई देते हुए नेत्रहीनों द्वारा संगीत, गायकी, चित्रकारी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियाँ प्राप्त करने के लिए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
प्रो0 जागे राम, महासचिव, राष्ट्रीय नेत्रहीन संघ, हरियाणा शाखा ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उनसे अनुरोध किया कि नेत्रहीनों और विकलांग व्यक्तियों के सर्वांगीण विकास हेतु विकलांग अधिनियम, 1995 को पूर्णत: लागू किया जाए। समारोह में हरियाणा राज्य शाखा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार, खेल शाखा के अध्यक्ष श्री इन्द्र सिंह, पंजाब शाखा के महासचिव प्रो0 राजेश मोहन ने भी अपने विचार व्यक्ति किए और नेत्रहीन व्यक्तियों की अनेक समस्याओं और कठिनाइयों का जिक्र किया।