ह्यूस्टन. रिपब्लिक पार्टी से अमेरिकी उप-राष्ट्रपति पद के प्रबल दावेदार और लुसियाना राज्य के भारतवंशी गवर्नर बॉबी जिंदल को उनके पद से हटाने के लिए एक ‘रिकॉल पिटीशन’ दायर की गई है। पिटीशन इसलिए दायर की गई है, क्योंकि उन्होंने राज्य की असेंबली के सदस्यों का वेतन दोगुना से ज्यादा करने संबंधी एक विधेयक का विरोध (वीटो) नहीं किया था।
जिंदल के पूर्व समर्थक रहे रायन फोर्नियर (32) ने यह पिटीशन दायर की है। उसका मानना है कि गवर्नर चुनाव के दौरान जिंदल ने जो विचार व्यक्त किए थे, अब वे उनके खिलाफ जा रहे हैं। जिंदल ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उन्हें पता है कि वोटर नाराज हैं। उनके अनुसार, यह पिटीशन दर्शाती है कि लोकतंत्र किस तरह से काम करता है और उन्होंने इससे सबक भी सीखा है। लुसियाना
असेंबली के सदस्यों ने इस हफ्ते समाप्त हुए सत्र के दौरान एक विधेयक को पारित कर अपना वेतन 16,800 डॉलर (7,20,132 रुपए) से बढ़ाकर 37,500 डॉलर (16,07,437 रुपए) कर लिया था।।
कठिन होगा हटाना : हालांकि जिंदल के खिलाफ ‘रिकॉल इलेक्शन’ की प्रक्रिया शुरू करना काफी कठिन होगा, क्योंकि इससे पहले याचिकाकर्ता को 180 दिन के भीतर लगभग दस लाख वोटरों के हस्ताक्षर जुटाने होंगे। अमेरिका के कुछ राज्यों में रिकॉल इलेक्शन प्रक्रिया के तहत वोटर किसी चुने हुए प्रतिनिधि को उसके पद से हटा सकते हैं।
जिंदल के पूर्व समर्थक रहे रायन फोर्नियर (32) ने यह पिटीशन दायर की है। उसका मानना है कि गवर्नर चुनाव के दौरान जिंदल ने जो विचार व्यक्त किए थे, अब वे उनके खिलाफ जा रहे हैं। जिंदल ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उन्हें पता है कि वोटर नाराज हैं। उनके अनुसार, यह पिटीशन दर्शाती है कि लोकतंत्र किस तरह से काम करता है और उन्होंने इससे सबक भी सीखा है। लुसियाना
असेंबली के सदस्यों ने इस हफ्ते समाप्त हुए सत्र के दौरान एक विधेयक को पारित कर अपना वेतन 16,800 डॉलर (7,20,132 रुपए) से बढ़ाकर 37,500 डॉलर (16,07,437 रुपए) कर लिया था।।
कठिन होगा हटाना : हालांकि जिंदल के खिलाफ ‘रिकॉल इलेक्शन’ की प्रक्रिया शुरू करना काफी कठिन होगा, क्योंकि इससे पहले याचिकाकर्ता को 180 दिन के भीतर लगभग दस लाख वोटरों के हस्ताक्षर जुटाने होंगे। अमेरिका के कुछ राज्यों में रिकॉल इलेक्शन प्रक्रिया के तहत वोटर किसी चुने हुए प्रतिनिधि को उसके पद से हटा सकते हैं।