
Monday, June 30, 2008

जिंदल के पूर्व समर्थक रहे रायन फोर्नियर (32) ने यह पिटीशन दायर की है। उसका मानना है कि गवर्नर चुनाव के दौरान जिंदल ने जो विचार व्यक्त किए थे, अब वे उनके खिलाफ जा रहे हैं। जिंदल ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि उन्हें पता है कि वोटर नाराज हैं। उनके अनुसार, यह पिटीशन दर्शाती है कि लोकतंत्र किस तरह से काम करता है और उन्होंने इससे सबक भी सीखा है। लुसियाना
असेंबली के सदस्यों ने इस हफ्ते समाप्त हुए सत्र के दौरान एक विधेयक को पारित कर अपना वेतन 16,800 डॉलर (7,20,132 रुपए) से बढ़ाकर 37,500 डॉलर (16,07,437 रुपए) कर लिया था।।
कठिन होगा हटाना : हालांकि जिंदल के खिलाफ ‘रिकॉल इलेक्शन’ की प्रक्रिया शुरू करना काफी कठिन होगा, क्योंकि इससे पहले याचिकाकर्ता को 180 दिन के भीतर लगभग दस लाख वोटरों के हस्ताक्षर जुटाने होंगे। अमेरिका के कुछ राज्यों में रिकॉल इलेक्शन प्रक्रिया के तहत वोटर किसी चुने हुए प्रतिनिधि को उसके पद से हटा सकते हैं।
Saturday, June 28, 2008
Friday, June 27, 2008
अराजकीय इंजीनियरिंग कालेजों में प्री-इंजीनियरिंग कोर्स आरंभ
चंडीगढ़, 27 जून
प्रदेश के अराजकीय इंजीनियरिंग कालेजों में प्री-इंजीनियरिंग कोर्स आरंभ करने की अनुमति प्रदान की गई है और ऐसी संस्थाओं को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (भिवानी) से संबद्धता लेनी आवश्यक है। यह जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि ऐसी संस्थाएं प्री-इंजीनियरिंग वर्ष 2008-09 की संबद्धता लेने हेतु 15 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा। उन्होंने बताया कि संबद्धता के लिए आवेदन पत्र एवं 2000 रूपये शुल्क निर्धारित किया गया है और बिना विलम्ब शुल्क के आवेदन 15 दिनों के भीतर डिमांड ड्राफ्ट के रूप में ही स्वीकार्य होगा। निर्धारित समय के बाद आवेदन पत्र केवल विशेष परिस्थितियों में बोर्ड के अध्यक्ष की अनुमति से 5000 विलम्ब शुल्क के साथ स्वीकार किया जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि तकनीकी संस्थाओं को शैक्षणिक सत्र 2008-09 से दस जमा एक के लिए प्री-इंजीनियरिंग कक्षाएं आरंभ करेंगी और इनकी परीक्षा संस्थान स्तर पर ही संचालित की जाएगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा प्री इंजीनियरिंग जमा दो की परीक्षा आगामी शैक्षणिक सत्र 2009-10 से ली जाएगी। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा हरियाणा द्वारा जिन अराजकीय इंजीनियरिंग कालेजों को प्री-इंजीनियरिंग कोर्स आरंभ करने की मान्यता दी जाएगी, उन्हीं संस्थाओं को बोर्ड नियमानुसार संबद्धता प्रदान करेगा और इस संबद्धता के लिए शुल्क एवं शर्तंे वहीं होंगी जो बोर्ड से संबद्ध अन्य अराजकीय संस्थाओं पर लागू है। उन्होंने बताया कि इन संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले छात्रों को प्री-इंजीनियरिंग जमा दो के लिए आवेदन पत्र भेजते समय बोर्ड द्वारा मिडल, सेकेंडरी परीक्षा में पहले से जारी एनरोलमेंट नंबर अकिंत किया जाएगा और अन्य बोर्ड या संस्थान से सेकेंडरी कक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को उनका एनरोलमेंट प्री-इंजीनियरिंग जमा एक कक्षा से संबधिंत संस्थाओं द्वारा नियमानुसार करवाया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए एनरोलमेंट की शुल्क एवं शर्तें वहीं होंगी जो बोर्ड से संबद्ध अन्य संस्थाओं पर लागू है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2008-09 में जमा एक कक्षा के एनरोलमेंट करवाने के लिए आवेदन पत्र बोर्ड कार्यालय में भेजने की अतिंम तिथि 30 सितंबर 2008 है। उन्होंने बताया कि प्री-इंजीनियरिंग की परीक्षाओं में वे सभी नियम, सैमेस्टर एवं ग्रेडिंग प्रणाली उसी तरह लागू होगी जो बोर्ड की जमा दो की शैक्षिक प्रणाली की परीक्षाओं में लागू है।
विकलांग व्यक्ति मायूस न हों - राज्यपाल
चंडीगढ़, 27 जून
हरियाणा के राज्यपाल डॉ0 ए.आर. किदवाई ने नेत्रहीनों और विकलांग व्यक्तियों को किसी भी अवस्था में मायूस न होने के लिए प्रोत्साहित किया और उन्हें खुशहाल एवं समृद्घ जीवन बिताने के लिए उल्लास और उत्साह के साथ समाज के अन्य व्यक्तियों की तरह ही जीवन की प्रत्येक गतिविधि में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल आज यहाँ राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ, हरियाणा शाखा द्वारा आयोजित चार दिवसीय नेत्रहीन शतरंज प्रतियोगिता का उदघाटन करने उपरान्त मुख्य अतिथि की हैसियत से देशभर से आए लगभग 125 नेत्रहीन शतरंज खिलाड़ियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार नेत्रहीन और विकलांग व्यक्तियों के जीवन को खुशहाल और समृद्घ बनाने के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रही है।
डॉ0 किदवाई ने कहा कि नेत्रहीन व्यक्तियों को भी खुशहाल व समृद्घ जीवन जीने का उतना ही हक है, जितना कि समाज के अन्य व्यक्तियों को। यह हम सब का सामाजिक और नैतिक दायित्व है कि हम नेत्रहीनों, विकलांगों और कमजोर व्यक्तियों की सहायता करने के कार्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि नेत्रहीन या अपंग होना उनका दोष नहीं है बल्कि यह सब प्रकृति एवं दुर्घटना के कारण ही हो जाता है।
राज्यपाल ने बताया कि हरियाणा सरकार ने नेत्रहीनों और विकलांग व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण, राज्य परिवहन की बसों में नि:शुल्क यात्रा, वाहन भत्ता, नेत्रहीन केनरों की मजदूरी में वृद्घि, सेवानिवृत्ति आयु में वृद्घि आदि सुविधाएं एवं अवसर देकर उनके जीवन को खुशहाल और समृद्घ बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नेत्रहीन व्यक्तियों ने खेलों के अलावा संगीत, चित्रकारी और उच्च शिक्षा जैसे विकास के क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, हरियाणा की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव, श्रीमती अनुराधा गुप्ता ने राष्ट्रीय नेत्रहीन संगठन के पदाधिकारियों को विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार, सरकारी नौकरियों में नेत्रहीनों एवं विकलांग व्यक्तियों के बैकलॉग को पूरा करने का भरसक प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि नेत्रहीन व्यक्तियों को सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत कम ब्याज की दरों पर ऋण लेकर अपनी स्व-रोजगार इकाइयाँ लगानी चाहिएं ताकि वे अपने जीवन में आत्म-निर्भर हो सकें। उन्होंने इस प्रतियोगिता में आए हुए खिलाड़ियों को बधाई देते हुए नेत्रहीनों द्वारा संगीत, गायकी, चित्रकारी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विशेष उपलब्धियाँ प्राप्त करने के लिए उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
प्रो0 जागे राम, महासचिव, राष्ट्रीय नेत्रहीन संघ, हरियाणा शाखा ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए उनसे अनुरोध किया कि नेत्रहीनों और विकलांग व्यक्तियों के सर्वांगीण विकास हेतु विकलांग अधिनियम, 1995 को पूर्णत: लागू किया जाए। समारोह में हरियाणा राज्य शाखा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार, खेल शाखा के अध्यक्ष श्री इन्द्र सिंह, पंजाब शाखा के महासचिव प्रो0 राजेश मोहन ने भी अपने विचार व्यक्ति किए और नेत्रहीन व्यक्तियों की अनेक समस्याओं और कठिनाइयों का जिक्र किया।
ग्रामीणों ने जाम लगाया
टोहाना 26 जून/सुगंध
उपमंडल के गांव कुलां को डबल फेस लाइन से न जोड़ने से गांव में बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर आज कुलां के ग्रामीणों ने करीब सवा तीन घंटे तक बस स्टैंड पर जाम लगाए रखा। जाम के कारण जाखल रोड़, भूना रोड़, रतिया रोड़ व टोहाना रोड़ का यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ। बसों को भी जाम के चलते अपना रास्ता बदल कर निकलना पड़ा। जाम की सूचना मिलने पर टोहाना बिजली बोर्ड के एसडीओ भीमसेन, नायब तहसीलदार राजेश कुमार व एसडीओ भूना मौके पर पहुंचे लेकिन ग्रामीणों ने तब तक जाम खोलने से इंकार कर दिया, जब तक कार्यकारी अभियंता ए।के। विर्दी मौके पर पहुंच कर उन्हें समस्या को दूर करने का आश्वासन नहीं देते। बाद में कार्यकारी अभियंता ए।के। विर्दी ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आज शाम तक उनके गांव को डबल फेस की लाइन से जोड़ दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला। जाम पर मौजूद कुलां व्यापार मँडल के अध्यक्ष सतीश बंसल, मुखत्यार सिंह, देसराज, ओमप्रकाश सिंगला, कृष्ण कुमार सहित अनेक ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव के लिए सरकार ने दो फेस के फीडर की योजना शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं लेकिन निगम द्वारा पिछले डेढ़ साल से गांव में फीडर को स्थापित नहीं करवाया गया है। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के कहने पर उन्होंने फीडर स्थापित करने के लिए मजदूरी के तौर पर करीब डेढ लाख रुपए भी दे दिए हैं लेकिन मजदूरी देने के बावजूद भी गांव को दो फेस की लाइन से नहीं जोड़ा गया है। वर्तमान में गांव में केवल पांच घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। उसमें से भी दो-दो घंटे वोल्टेज कम होने के चलते वह कोई कार्य नहीं कर पाते। बिजली न होने से जहां एक ओर उनकी खेती प्रभावित हो रही है, वहीं उनके घरेलू कार्य भी ठप्प हो गए हैं।

