फतेहाबाद/सुरेश/मुकेश
पूर्व वित्त मंत्री और हाल ही मे इनेलो छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए प्रो सपत सिंह ने बड़ोपल में पृथ्वी सिंह सरपंच के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता फतेहाबाद से चुनाव लड़ने की है। पार्टी जहां से भी टिकट देगी वह चुनाव लड़ने को तैयार है। यदि उन्हें टिकट नहीं मिला तो वह कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या वे उचाना से इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के विरुद्ध चुनाव लड़ सकते हैं। इस पर सपत सिंह ने कहा कि वह हल्का कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व वित्तमंत्री बीरेन्द्र सिंह के पास हैं। अगर बीरेन्द्र सिंह मुझे अनुमति देते हैं और कांग्रेस वहां की टिकट देती है तो उनके खिलाफ चुनाव लड़ने में मुझे खुशी होगी। सपत सिंह ने बताया कि फतेहाबाद हल्के में जनसपर्क अभियान के तहत दो तिहाई हल्का कवर कर चुके हैं। लोकदल के जो पुराने कार्यकर्ता थे वे उनको कांग्रेस में शामिल करवा रहे हैं। इनेलो छोड़ने के सवाल पर सपत सिंह ने कहा कि पहले लोकदल होता था, अब इनेलो बन गया है पहले यह ताऊ पार्टी थी, अब चौटाला पार्टी हो गई है। पहले यह आम लोगों की पार्टी थी, अब यह खास लोगों की पार्टी बन गई है। हांसी-बुटाना नहर के मामले पर उनके द्वारा पूर्व में की गई आलोचना पर सपत सिंह ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए वह फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करेंगे मगर इस समस्या का हल करवाने की कोशिश करेंगे। बिजली समस्या पर उन्होंने कहा कि बरसात न आने की वजह से यह समस्या है। उचाना से ओमप्रकाश चौटाला द्वारा चुनाव लड़ने की घोषणा पर उन्होंने कहा कि चौटाला ने वहां के उमीदवारों से जबरदस्ती प्रस्ताव करवाये हैं। लोकसभा चुनाव में मुझे उचाना से 32 हजार वोटों की बढ़त मिली थी। चौटाला इस गलत फहमी का शिकार हैं कि वे वोट इनेलो के थे, जबकि वह जीत सपत सिंह की निजी जीत थी। यदि चौटाला उचाना से चुनाव लड़ते हैं तो उनका यह भ्रम निकल जायेगा। उन्होंने बताया कि चुनावी इतिहास में 1987 और 2000 के चुनाव को छोड़ कर उचाना से कभी भी इनेलो नहीं जीती है। सपत सिंह ने यह भी दावा किया कि इनेलो सुप्रीमो एक नहीं दो स्थानों से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अजय और अभय के पास वीटो पावर है यदि उन्होंने वीटो पावर का इस्तेमाल कर लिया तो चौटाला उचाना से चुनाव लड़ने से पीछे भी हट सकते है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता सुरक्षित सीटें तलाशने में लगे हैं। इनेलो-भाजपा गठबंधन की टूट पर सपत सिंह बोले दोनों पाटिüयों में कभी भी दिल से गठबंधन नहीं था यह मजबूरियों का गठबंधन था जो देर सवेर टूटना ही था।